प्रधानमंत्री आवास व शौचालय योजना में भेदभाव के आरोप, कांग्रेस ने उठाई जांच की मांग। BDO की अनुपस्थिति में ADO कोऑपरेटिव रामकृष्ण गुप्ता ने लिया ज्ञापन, बोले—त्रिस्तरीय कमेटी बनाकर कराई जाएगी जांच
Daktimes News खड्डा, कुशीनगर। विकासखंड खड्डा की ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय योजना के पात्र लाभार्थियों के चयन में कथित भेदभाव और अनियमितता का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खड्डा-कुशीनगर के ब्लॉक अध्यक्ष अनिरुद्ध गुप्ता ने इस मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और पात्र लोगों को तत्काल योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की। खंड विकास अधिकारी की अनुपस्थिति में ज्ञापन ADO कोऑपरेटिव रामकृष्ण गुप्ता को सौंपा गया। ज्ञापन प्राप्त करते हुए उन्होंने कांग्रेस प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए त्रिस्तरीय कमेटी गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी, इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि प्रशासन द्वारा गठित की जाने वाली त्रिस्तरीय कमेटी निष्पक्ष जांच कर पात्र लोगों को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करेगी। ज्ञापन में कांग्रेस की मासिक समीक्षा बैठक में कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र के आम नागरिकों द्वारा उठाई गई शिकायतों का हवाला देते हुए कहा गया कि विकासखंड खड्डा की विभिन्न ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय योजना के लाभार्थियों के चयन को लेकर कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। कांग्रेस कमेटी का आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र एवं जरूरतमंद होने के बावजूद कई परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। पार्टी ने लाभार्थियों के चयन में कथित भेदभाव एवं अनियमितता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि विकासखंड खड्डा की सभी ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय योजना के लाभार्थियों की सूची की जांच कर वास्तविक पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जनहित के इस मुद्दे पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी पात्र लाभार्थियों के अधिकारों को लेकर विकासखंड परिसर में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।