करुणाकर त्रिपाठी अध्यक्ष व हरेराम गुप्त को पुनः प्रदेश महासचिव चुने गए

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डाक टाइम्स न्यूज। अयोध्या धाम, राष्ट्रीय अल्प बचत अभिकर्ता संघ, भारत उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी का एक संगठनात्मक बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष पृथ्वीश भट्टाचार्य के निर्देश पर सिया रिसोर्ट अयोध्या धाम में बुलाई गई। दिनाँक 1 सितम्बर 2024 को इंजिनियरिंग डिप्लोमा भवन-लखनऊ में प्रदेश कार्यकारिणी का चुनाव हुआ, जिसमें आलोक पाराशर (अलीगढ़) को अध्यक्ष एवं श्री हरेराम गुप्त (कुशीनगर) को प्रदेश महासचिव के पद निर्वाचित किया गया था । नई कार्यकारिणी के गठन से लेकर प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों से बिना सामंजस्य स्थापित किये मनमानी तरीके से संगठन के विरूद्ध कार्य करना एवं संगठन विरोधी गतिविधियों के कारण प्रदेश अध्यक्ष आलोक पाराशर को राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा पद से हटा दिया गया, उसके बाद भी इनके द्वारा संगठन को कमजोर करने का कुकृत्य किया गया, जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पृथ्वीश भट्टाचार्य ने आलोक पाराशर को जुलाई में संगठन से निष्कासित कर दिया, तथा वैकल्पिक व्यवस्था हेतु प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार जैन को कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बीतें दिनों कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार जैन एवं प्रदेश महासचिव हरेराम गुप्त ने वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करके नई कार्यकारिणी गठन करने का राष्ट्रीय अध्यक्ष से अनुरोध किया था, जिसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अपूर्व अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलाध्यक्ष एवं सभी महामंत्री को बुलाकर सभी के सामुहिक सहमति पर पुराने कार्यकारिणी को भंग कर दिया तथा करुणाकर त्रिपाठी (इटावा) को प्रदेश अध्यक्ष एवं हरेराम गुप्त (कुशीनगर) को पुनः प्रदेश महासचिव के पद पर घोषित किया गया। तथा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती राधा दीक्षित (मैनपुरी) को उपाध्यक्ष, बसंती गुप्ता (पीलीभीत) को संयुक्त सचिव के पद पर घोषित किया गया। यह बैठक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अपूर्व अग्निहोत्री जी के देख रेख में बैठक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार मिश्र , राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कृष्णानंद गुप्ता, राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष अशोक सिंघल, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य अशोक कुमार गुप्ता, सुर्य प्रकाश पाण्डेय, प्रहलाद गुप्ता,अशोक कुमार गुप्ता सहित सभी जनपदों के जिलाध्यक्ष एवं महामंत्री सहित सभी वरिष्ठ पदाधिकारी गण उपस्थित रहें।