डाक टाइम्स न्यूज कप्तानगंज तहसील क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि, आंधी तुफान से खरीफ की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस संबंध में पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने तहसील क्षेत्र कप्तानगंज के सोहनी गांव के गणेश चौक पर एक निजी प्रतिष्ठान पर मंगलवार को प्रेस वार्ता कर गन्ना मूल्य बढ़ाए जाने एवं अतिवृष्टि से हुई फसलों के नुकसान के मुआवजे की मांग की है। पूर्व विधायक राव ने मुख्यमंत्री को संबोधित प्रेषित पत्र में कहा कि गन्ना, धान एवं गेहूं की उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मजदूरों के पारिश्रमिक तथा घटती श्रम क्षमता महंगी सिंचाई, खाद, कीटनाशक तथा लिए जीविका संकट भी उत्पन्न करने लगा है। वर्तमान सत्र में न्यूनतम मानसूनी बारिश के कारण किसान फसलों को बचाने के लिए मंहगी सिंचाई के लिए मजबूर हुआ। रासायनिक खाद का संकट झेला तथा जब फसल तैयार होने को हुआ तो एकाएक हुई अतिवृष्टि एंव तेज हवाओं ने गन्ना, धान, मक्का तथा केला की फसलों को जमीन पर सुला दिया । जिससे उत्पादन 30-40 प्रतिशत कम होने का अनुमान है । राज्य सरकार को क्षतिग्रस्त धान, गन्ना, केला, तथा मक्का फसलों का सर्वे कराकर वाजिब मुआवजा का ऐलान करना चाहिए । साथ ही किसानों के लिए कर्ज पर कम से कम एक वर्ष का ब्याज माफ कर दिया जाना चाहिए । राव ने कहा कि देश में उत्पादित चीनी का घरेलू उपयोग मात्र 20 प्रतिशत होता है । शेष निर्यात तथा अन्य कार्यो दवा,पेय पदार्थो, ब्रेकरी, मिठाईयो आदि में किया जाता है। यदि चीनी का कीमत 4 हजार प्रति क्विंटल कर दिया जाय तो घरों में उपयोग करने वालो कोई विशेष दिक्कत नही होगा। जबकि चीनी का न्यूनतम मूल्य चालीस रुपया करने से चीनी मिले चार सौ रुपया प्रति क्विंटल के ऊपर गन्ना मूल्य किसानों को देने में समर्थ हो जायेगी । केन्द्र व राज्य सरकार को संयुक्त प्रयास कर चीनी, धान, गेंहू, केला, गन्ना की कीमत बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए । खेती में बड़े पैमाने पर सरकारी निवेश बढ़ाकर सेंसर आधारित रोबोट एव मशीनीकरण को बढ़ावा देना चाहिए । खर, पतवार को निकालने, गुड़ाई, कटाई, मड़ाई आदि कार्यों में मानव श्रम का विकल्प उपलब्ध हो सके ।





