डाक टाइम्स न्यूज कप्तानगंज (कुशीनगर)। स्टांप एवं पंजीयन विभाग में ग्राहक सेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से निबंधन कार्य कराए जाने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन, तहसील कप्तानगंज की एक आवश्यक बैठक 16 जून 2026 को तहसील बार एसोसिएशन संघ के अध्यक्ष हीरा पांडेय व महामंत्री उमेश कुमार दुबे के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के साथ आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ताओं ने सरकार के इस निर्णय पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम बताया। बैठक के बाद बार एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित एक ज्ञापन उपनिबंधक, तहसील कप्तानगंज संजय कुमार पांडेय को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि सरकार ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से निबंधन कार्य कराए जाने संबंधी आदेश को तत्काल वापस ले तथा रजिस्ट्री व्यवस्था में संभावित निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाए। अधिवक्ताओं का कहना था कि इस व्यवस्था से पारंपरिक रजिस्ट्री प्रणाली प्रभावित होगी और आम जनता के साथ-साथ अधिवक्ताओं एवं स्टांप विक्रेताओं के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रखा जाएगा। विरोध स्वरूप बुधवार को स्टांप विक्रेताओं ने कोई स्टांप निर्गत नहीं किया तथा अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्य का बहिष्कार कर सरकार के निर्णय के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। बैठक में विनोद कुमार मिश्रा, मिर्जा एक्तदार हुसैन, राम प्रताप सिंह, दिनेश कुमार राव, दारा यादव, शैलेश प्रताप सिंह, परमहंस कुमार, राजन पांडेय , अरुण कुमार सिंह, अमरनाथ शुक्ला, सर्वेश कनौजिया, राजनंदन लाल श्रीवास्तव, दीनानाथ शर्मा, विनोद सिंह आदि बार एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।





