डाक टाइम्स न्यूज खड्डा (कुशीनगर):
आज दिनाँक 22 मार्च 2026 दिन रविवार को विकास खण्ड खड्डा के ग्रामसभा भुजौली खुर्द में समाजसेवी एवं शिक्षाविद् जनसेवक पवन दूबे के नेतृत्व में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार शिविर ने मानव सेवा की अद्वितीय मिसाल कायम की। यह शिविर न केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम रहा, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक राहत पहुंचाने का सशक्त प्रयास बनकर उभरा। गोरखपुर के आस्था मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डी.के. सिंह एवं उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा मरीजों का सूक्ष्म परीक्षण कर निःशुल्क परामर्श एवं दवाएं उपलब्ध कराई गईं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय वर्मा की उपस्थिति ने शिविर को और अधिक प्रभावशाली बनाया।
कुल 326 मरीजों ने पंजीकरण कराकर उपचार प्राप्त किया, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को सीधा लाभ मिला। इस पूरे आयोजन की सबसे विशेष बात रही समाजसेवी पवन दूबे की सक्रियता और समर्पण। उन्होंने न केवल इस विशाल शिविर का सफल संचालन किया, बल्कि व्यक्तिगत रूप से व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि किसी भी जरूरतमंद को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आगंतुकों के लिए जलपान की व्यवस्था भी उनके द्वारा ही कराई गई, जो उनकी संवेदनशीलता और सेवा भाव को दर्शाता है। पवन दूबे लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं। गरीब, असहाय और वंचित वर्ग के लिए उनकी पहलें उन्हें क्षेत्र में एक भरोसेमंद और जनप्रिय चेहरा बनाती हैं। उनके प्रयासों में केवल आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रति गहरी जिम्मेदारी और मानवीय करुणा साफ झलकती है। वे उन चुनिंदा व्यक्तित्वों में हैं, जो सेवा को ही अपना धर्म मानते हुए निरंतर समाजहित में कार्यरत हैं। स्थानीय लोगों ने भी पवन दूबे के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं, जहां आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सीमित है। शिविर का उद्घाटन ग्रामसभा के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर विपिन मल्ल, अशोक तिवारी, इरफान अंसारी, सचिन, जगजीवन, श्रवण, रियाजुद्दीन, पिंटू, शमसुद्दीन, सुमन देवी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। यह स्वास्थ्य शिविर सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि पवन दूबे की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें समाज के हर वर्ग तक सेवा और सहयोग पहुंचाना ही सर्वोच्च प्राथमिकता है।





