- डीएम ने अधिवक्तागणो के साथ की बैठक
- राजस्व वादों का शीध्रतम निस्तारण शासन की शीर्षतम प्राथमिकताओं में से एक है:-डीएम
- बैठक में स्वस्थ प्रशासनिक व्यवस्था कायम रखते हुए लंबित वादों को राजस्व संहिता के अनुरूप गुण-दोष के आधार पर गुणवत्तापरक नियमित अनुश्रवण करके राजस्व वादों के शीध्रतम निस्तारण हेतु डीएम ने किया आश्वस्त।
आज जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिवक्तागणों के साथ औपचारिक बैठक की गयी। जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम अपना परिचय देते हुए समस्त उपस्थित अधिवक्ताओं का परिचय भी प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माननीय मुखमंत्री जी के द्वारा शासकीय कार्यो के अन्तर्गत सभी कोर्ट में समस्त राजस्व वादों की समीक्षा की जा रही है। राजस्व वादों का शीध्रतम निस्तारण शासन की शीर्षतम प्राथमिकताओं में से एक है।बैठक में स्वस्थ प्रशासनिक व्यवस्था कायम रखते हुए लंबित वादों को राजस्व संहिता के अनुरूप गुण-दोष के आधार पर गुणवत्तापरक नियमित अनुश्रवण करके राजस्व वादों के शीध्रतम निस्तारण हेतु डीएम ने आश्वस्त किया। पूर्वान्चल के क्षेत्रों में सामान्यतः भूमि विवादों की बहुतायता देखने को मिलती है। शासन के निर्देश के क्रम में वादों के निस्तारण पर विशेष बल दिया जा रहा है। विभिन्न धाराओं में समयसीमा निर्धारित भी की गई है। कहा जाता है *जस्टिस डीले जस्टिस डीनायड* आप सभी को आश्वस्त करना चाहूंगा की नियमित अनुश्रणन करके राजस्व संहिता में उल्लेखित राजस्व प्राविधानों के अनुसार सारे कार्य स्वस्थ प्रणालियां के अनुरूप क्रियान्वित की जाएंगी। सारे नियमित लिखित है, नियमों से इतर हम जा भी नही सकतें है। राज्यहित सर्वोपरी है। राग , द्वेष या अन्य कारणों के आधार पर कभी कोई निर्णय नही लिया जाएगा। मतभेद होना स्वाभविक है, लेकिन नियमों के परिधि में रहकर वादकारियों को न्याय दिलाना राज्यहित में सर्वोपरि हैं।
स्वस्थ्य प्रशासनिक व्यवस्था कायम रखते हुए सारे कार्य क्रियान्वित करना है। राजस्व संहिता के नियमों के अनुरूप वादों का गुणवत्तापरक ,नैसर्गिक न्याय के सिद्वांतो का पालन करते हुए धारा 30,116,34,24 आदि के वादों को समयानुसार निस्तारित किया जाएगा, जिसमे आपलोग से सहयोग की अपेक्षा है।
इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा, मंत्री मृत्युंजय सिहं, सुरेश सिंह वरिष्ठ अधिवक्ता भृखभान तिवारी, विरेन्द्र नाथ मिश्रा, गोविन्द पाण्डेय रविन्द्र उपाध्याय आदि अधिकवक्तागण उपस्थित रहे।





