Daktimes News कप्तानगंज/कुशीनगर। ग्राम घोघरा, ब्लॉक कप्तानगंज निवासी डॉ. मंतोष शर्मा ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) के राजनीति विज्ञान विभाग से डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गुरुजनों, मित्रों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। डॉ. मंतोष शर्मा ने अपनी सफलता को महज एक शैक्षणिक डिग्री नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, धैर्य, निरंतर मेहनत, निष्ठा और शोध के प्रति समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय विश्वविद्यालय के कुलपति, अपने शोध निर्देशक, विभागीय शिक्षकों और गुरुजनों के मार्गदर्शन के साथ-साथ माता-पिता, परिवार और मित्रों के सहयोग को दिया।
“शिक्षा सिर्फ डिग्री नहीं, समाज बदलने की ताकत है”
पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद डॉ. मंतोष शर्मा ने कहा कि शिक्षा किसी व्यक्ति के जीवन को बदलने के साथ-साथ पूरे समाज को नई दिशा देने की सबसे प्रभावशाली शक्ति है। उनका उद्देश्य अपनी अकादमिक शिक्षा और शोध को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसे समाज के व्यापक हित में उपयोग करना है।उन्होंने कहा कि वे अपने ज्ञान और शोध के माध्यम से युवाओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक सोच को मजबूत करने और नई पीढ़ी को वैज्ञानिक एवं तार्किक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करेंगे। उनका मानना है कि शिक्षित और जागरूक युवा ही समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रख सकते हैं।
ज्ञान का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प
डॉ. शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में उनका प्रयास रहेगा कि शिक्षा और शोध को समाज के आम लोगों से जोड़ा जाए, ताकि अकादमिक ज्ञान केवल पुस्तकों और विश्वविद्यालयों तक सीमित न रहे। वे युवाओं को उच्च शिक्षा, शोध और प्रतियोगी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के साथ सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता पैदा करने की दिशा में भी कार्य करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य ज्ञान का प्रसार, शिक्षा को बढ़ावा देना, युवाओं को सही दिशा देना और समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत करना है। साथ ही राष्ट्र निर्माण में अपनी शैक्षणिक क्षमता का ईमानदारी से योगदान देना उनकी प्राथमिकता रहेगी। डॉ. मंतोष शर्मा की इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए लोगों ने उन्हें बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे अपनी शिक्षा एवं शोध के माध्यम से समाज और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।