डाक टाइम्स न्यूज वाराणसी, 08 जून 2026। रेलवे परिचालन को अधिक सुरक्षित, सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत उनौला-पिपराईच स्टेशनों के मध्य 7.38 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत रेलखंड का सोमवार को रेल संरक्षा आयुक्त (उत्तर पूर्व सर्किल) प्रणजीव सक्सेना ने विस्तृत संरक्षा निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत इस रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से सफल स्पीड ट्रायल भी सम्पन्न हुआ।
निरीक्षण के दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अभय कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन सहित मुख्यालय गोरखपुर एवं वाराणसी मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। रेल संरक्षा आयुक्त ने निरीक्षण की शुरुआत उनौला स्टेशन से की, जहां स्टेशन पैनल, नवीन सिग्नल प्रणाली, प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग, प्लेटफार्म और फुट ओवर ब्रिज क्लियरेंस, रिले रूम तथा स्टेशन वर्किंग रूल्स में किए गए बदलावों का बारीकी से परीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने मोटर ट्रॉली से उनौला-पिपराईच रेलखंड का निरीक्षण करते हुए प्वाइंट्स एंड क्रॉसिंग, फेल-सेफ प्रणाली, स्विच एक्सटेंशन जॉइंट, समपार फाटक, गेट सिग्नल, बूम लॉकिंग सिस्टम तथा सुरक्षा उपकरणों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान समपार फाटक संख्या 4 ए/सी पर तैनात गेटमैन सुदर्शन शाहनी के सुरक्षा ज्ञान की भी परीक्षा ली गई।
साथ ही पुल संख्या-07 सहित विभिन्न पुल-पुलियाओं, रेल पथ फिटिंग्स, बैलास्ट कुशनिंग, साइट बोर्ड, सिग्नलिंग व्यवस्था और ओवरहेड विद्युत लाइन के सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। पिपराईच स्टेशन पहुंचकर रेल संरक्षा आयुक्त ने दोहरीकरण और विद्युतीकरण से जुड़े सभी तकनीकी मानकों की समीक्षा की तथा प्लेटफार्म एवं पैदल उपरिगामी पुल की क्लियरेंस जांचते हुए यात्री सुरक्षा के प्रबंधों का भी आकलन किया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर स्थापित सभी उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। संरक्षा निरीक्षण पूरा होने के बाद निरीक्षण स्पेशल ट्रेन से पिपराईच-उनौला रेलखंड पर स्पीड ट्रायल किया गया, जिसमें ट्रेन ने 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। सफल ट्रायल के साथ ही इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर भविष्य में तेज, सुरक्षित और सुगम रेल परिचालन का मार्ग और अधिक प्रशस्त हो गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना क्षेत्र में रेल अवसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ यात्री और माल परिवहन क्षमता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
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